पत्नी से लड़ाई में चली गई SP साहब की कुर्सी, IPS भानु प्रताप सिंह के नौकरी से शादी तक की पूरी कहानी
कभी UPSC की तैयारी के दिनों में साथ निभाने का वादा, फिर सिविल सेवा में सफलता और IPS की वर्दी तक का सफर. भानु प्रताप सिंह की जिंदगी की कहानी में एक वक्त ऐसा भी था, जब उनके पास सरकारी नौकरी नहीं थी. साल 2016 में पूजा सिंह ने उनके साथ जिंदगी बिताने का फैसला किया था. वक्त बदला, भानु प्रताप सिंह IPS अधिकारी बने और बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी तक पहुंचे. लेकिन अब उनकी निजी जिंदगी का विवाद सार्वजनिक हो चुका है. पत्नी पूजा सिंह ने पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं. छह साल की बेटी से बात नहीं करने देने का भी दावा किया है. इस बीच बिहार सरकार ने भानु प्रताप सिंह को खगड़िया SP के पद से हटाकर पटना पुलिस मुख्यालय बुला लिया है.
बिहार में पुलिस महकमे के हालिया फेरबदल में IPS भानु प्रताप सिंह को खगड़िया के पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया गया है. सरकार ने उन्हें पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया है. उनकी जगह शिवहर के एसपी शैलेन्द्र सिंह को खगड़िया का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. वहीं, मोहिबुल्ला अंसारी को शिवहर का नया एसपी नियुक्त किया गया है. यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब भानु प्रताप सिंह अपनी पत्नी के साथ चल रहे विवाद को लेकर लगातार चर्चा में हैं. पत्नी की शिकायत, मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना और महिला थाने तक पहुंचे मामले ने इस पूरे घटनाक्रम को और सुर्खियों में ला दिया है.
भानु प्रताप सिंह और पूजा सिंह की शादी वर्ष 2016 में हुई थी. उस समय भानु प्रताप सिंह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और उनके पास कोई नौकरी नहीं थी. पूजा सिंह ने हालिया बातचीत में अपनी शादी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने उस वक्त उनका साथ चुना था, जब वह अपने करियर को बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे. इसके बाद भानु प्रताप सिंह ने सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए. वह 2021 बैच के IPS अधिकारी हैं. उनकी पत्नी का कहना है कि जिस रिश्ते की शुरुआत संघर्ष के दिनों में साथ निभाने के संकल्प के साथ हुई थी, आज उसी रिश्ते में ऐसी स्थिति आ गई है कि उन्हें पुलिस के पास जाना पड़ा.
इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू यह है कि पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद पूजा सिंह तलाक नहीं चाहतीं. उनका कहना है कि वह अपना परिवार टूटते हुए नहीं देखना चाहतीं. उनकी इच्छा है कि पति के साथ फिर से बातचीत शुरू हो और परिवार दोबारा एक साथ रह सके. पूजा सिंह के मुताबिक, वह आज भी अपने पति और छह साल की बेटी के साथ नई शुरुआत करना चाहती हैं. उन्होंने यहां तक कहा है कि यदि उनके पति उनकी बात समझने और परिवार को फिर से साथ रखने के लिए तैयार होते हैं तो वह अपनी पुलिस शिकायत वापस लेने के लिए भी तैयार हैं.
पूजा सिंह की शिकायत में सबसे अहम मुद्दा उनकी छह साल की बेटी से जुड़ा है. उनका आरोप है कि पति उन्हें बेटी से बात नहीं करने दे रहे हैं. बेटी से संपर्क नहीं हो पाने की परेशानी को लेकर वह कुछ दिन पहले पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठी थीं. पूजा सिंह का कहना है कि वह अपनी बेटी से मिलना और उससे बातचीत करना चाहती हैं. इस मामले में उनकी मांग है कि उन्हें मां होने के नाते बेटी से संपर्क का अधिकार मिले. दरअसल, पति-पत्नी के बीच विवाद का असर अब उनकी बेटी के रिश्ते पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है. यही वजह है कि पूजा सिंह लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रही हैं.
पूजा सिंह ने पटना के महिला थाने में अपने पति भानु प्रताप सिंह और ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी है. उन्होंने प्रताड़ना समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं. न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सचिवालय SDPO-1 अनु कुमारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की थी. उन्होंने बताया था कि अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है और मामले की जांच की जा रही है. इस तरह फिलहाल मामला पुलिस की जांच के स्तर पर है. पूजा सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों पर भानु प्रताप सिंह का पक्ष भी सामने आना बाकी है. न्यूज एजेंसी के मुताबिक उनसे प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
भानु प्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं. उन्होंने हिंदी साहित्य में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने लगातार मेहनत की. बताया जाता है कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच उन्होंने यूपीएससी और राज्य सिविल सेवा की परीक्षाओं में सफलता हासिल की. मुख्य परीक्षा में हिंदी साहित्य उनका विषय रहा. IPS में चयन के बाद उनकी शुरुआती महत्वपूर्ण तैनाती मुजफ्फरपुर में टाउन एएसपी के रूप में हुई. यहां उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त अंदाज अपनाया. सड़कों पर दबंगई और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के चलते उनकी पहचान एक सख्त पुलिस अधिकारी के रूप में बनी. इसके बाद दानापुर में एएसपी रहते हुए भी वह कई कार्रवाइयों को लेकर चर्चा में रहे.
दिसंबर 2024 में बाहुबली विधायक रीतलाल यादव के भाई पिंकू यादव से जुड़े मामले में पुलिस कार्रवाई भी सुर्खियों में रही. इस कार्रवाई ने उनकी दबंग पुलिस अधिकारी वाली छवि को और चर्चा में ला दिया. लेकिन अब उनकी चर्चा किसी पुलिस ऑपरेशन या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नहीं, बल्कि निजी जिंदगी में चल रहे विवाद के कारण हो रही है. एक तरफ पत्नी अपने परिवार को फिर से जोड़ने की गुहार लगा रही हैं, दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच होनी है. अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और भानु प्रताप सिंह इस पूरे मामले पर अपना पक्ष कब रखते हैं.


