लेफ्ट पार्टियों ने TVK से बनाई दूरी, तमिलनाडु उपचुनाव में अकेले उतरेंगी CPI और CPI-M
सत्ताधारी TVK को आउटसाइड समर्थन देने वाली CPI और CPI(M) ने रविवार को घोषणा की कि वे अगले महीने तमिलनाडु में होने वाले उपचुनावों में एक-एक विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ेंगी.
जहां CPI धारापुरम से चुनाव लड़ेगी, वहीं CPI(M) 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों में मदुरंतकम से अपनी किस्मत आजमाएगी.
CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि राज्य में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव थोपे गए हैं, न कि स्वाभाविक रूप से हुए हैं. किसी भी चुनावी गठबंधन का हिस्सा न बनने के अपने रुख पर मजबूती से कायम रहते हुए, CPI ने CPI-M के साथ मिलकर उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है.
उन्होंने कहा, हमने CPI-M को अपनी राय (चुनाव लड़ने की) बता दी है और उन्होंने भी यही रुख अपनाया है. CPI धारापुरम से चुनाव लड़ेगी.
मार्क्सवादी पार्टी के राज्य सचिव एम. षणमुगम ने तिरुचिरापल्ली में बताया कि पार्टी की राज्य समिति की बैठक में उपचुनाव लड़ने का फैसला किया गया है और यह वामपंथी दलों CPI(M), CPI और CPI (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की अकेले लड़ी जाने वाली लड़ाई होगी.
इस बीच, तमिलनाडु में सीएम विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन के नाम का आखिरकार ऐलान कर दिया गया है. गठबंधन के नाम में ‘सेक्युलर’, ‘सोशल जस्टिस’ और ‘विक्ट्री’ जैसे शब्दों को प्रमुखता दी गई है.
गठबंधन के नाम का फैसला बुधवार को चेन्नई के पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में बैठक के बाद लिया गया. बैठक में कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल के प्रमुख नेता शामिल हुए. गठबंधन को ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ नाम दिया गया.


