भारत की स्थायी UNSC सीट के समर्थन में V4 देश, स्लोवाक विदेश मंत्री बोले- उभरती हुई महाशक्ति...
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र (UNGA 81) के दौरान न्यूयॉर्क में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाइसेग्राड ग्रुप (V4) और भारत के प्रारूप में आयोजित पहली हाई लेवल बैठक में हिस्सा लिया. इसके इतर उन्होंने स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार से भी मुलाकात की, जिन्होंने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया.
V4 की बैठक को जयशंकर ने ऐतिहासिक मौका करार दिया. उन्होंने कहा, 'ये एक नया ऐतिहासिक मौका था. मैं आज हमें आमंत्रित करने के लिए मंत्री जुराज का धन्यवाद करना चाहता हूं. ये एक बहुत ही प्रोडक्टिव मीटिंग रही.'
उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध गहरे हो रहे हैं, इसलिए हम V4 के साथ एक वार्षिक बिजनेस फोरम बनाएंगे और विदेश मंत्रियों के स्तर पर हर साल बैठक करेंगे.
Appreciated meeting my European Union colleagues this afternoon in New York #UNGA81 Discussed India-EU cooperation, multilateral issues and current developments, including in the Gulf, Ukraine and Indo-Pacific.#UNHighLevelWeek pic.twitter.com/cstCNWNrs9
जयशंकर ने एक्स पर V4 की बैठक की तस्वीरें शेयर कीं. इसके साथ उन्होंने लिखा, 'आज दोपहर न्यूयॉर्क में अपने यूरोपियन यूनियन के साथियों से मिलकर अच्छा लगा #UNGA81. भारत-EU सहयोग, मल्टीलेटरल मुद्दों और गल्फ, यूक्रेन और इंडो-पैसिफिक समेत मौजूदा डेवलपमेंट पर चर्चा हुई.'
जयशंकर ने बताया कि V4 देशों के साथ भारत का रक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत इतिहास रहा है और वो इस सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं. बैठक में अंतरिक्ष, तकनीक, कनेक्टिविटी, एजुकेशन और लोगों के बीच आवाजाही पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी के हालात जैसे बड़े वैश्विक संकटों पर भी बातचीत हुई.
जयशंकर ने V4 मीटिंग से इतर स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार के साथ भी अहम बैठक की. इसके बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आज स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार से मिलकर बेहद खुशी हुई. हमने अपने द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा करने के अलावा अपने बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर भी बात की.'
V4+भारत विदेश मंत्रियों की पहली बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, 'हम सभी V4 देश इस बात पर सहमत हैं कि ग्लोबल साउथ का हिस्सा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती हुई महाशक्ति के रूप में भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थायी सदस्य के रूप में मेज पर होना चाहिए.'


