छत से कूदकर संत प्रेमानंद के शिष्य ने की थी खुदकुशी, VIDEO देख रोंगटे खड़े हो जाएंगे
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. घटना के बाद दीपक को आनन-फानन में एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. दीपक ने खुदकुशी क्यों कि इसकी वजह तो अभी तक सामने नहीं आई है. लेकिन इस मामले में झकझोरने वाला सीसीटीवी वीडियो सामने आया है.
जिस वक्त दीपक लोधी ने सुसाइड किया उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही हो रही थी. जिस वक्त यह घटना हुई, कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे. एक साइकिल सवार के ठीक सामने यह वाकया हुआ. इससे वह और उनके पीछे साइकिल से आ रहे एक और शख्स चौंक जाते हैं. वहीं सामने से एक फोर व्हीलर भी गुजर रही होती है. दीपक लोधी के छत से गिरने का ये वीडियो इतना भयावह था कि आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया.
मामला तूल पकड़े जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है सीसीटीवी में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार दीपक लोधी अचानक छत से गिर जाते हैं और उसकी मौत हो जाती है. फिलहाल यह मामला चारों चर्चा का विषय है बना हुआ है.
मृतक के बहनोई सोनू पटेल ने बताया कि इस घटना की जानकारी परिजनों को भी दी गई. परिवार को बताया गया कि दीपक गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होगा. परिवार जब आनन-फानन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर बैठने के लिए बोल दिया. कई घंटों तक आश्रम के बाहर बैठने के बाद भी परिजनों को घटना से जुड़ी जानकारी नहीं दी गई.
2024 में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था दीपक सोनू पटेल ने बताया कि दीपक लोधी साल 2024 से प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा था. उन्होंने बताया कि जब से दीपक ने गुरु दक्षिणा ली थी, तब से परिवार से उसे नहीं मिलने दिया गया. जब भी परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने यहां आता था, तो उसे दो-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था. सोनू ने बताया कि दीपक के पास मोबाइल फोन भी नहीं था. इसलिए परिवार से कोई संपर्क भी उसका नहीं रहता था. उन्होंने कहा कि दीपक ने आत्महत्या की है या किस वजह से उनकी मौत हुई, इस बारे में अभी तक परिवार को कोई जानकारी नहीं मिली है.

