VIDEO: बेटे वैभव को नीली जर्सी में खेलते देखने पहुंचे पिता, फिर हुआ कुछ ऐसा कि टूट गया सपना...भाई का भी उतरा चेहरा?
दिल में ढेर सारी उम्मीदें और आंखों में बेटे को देश के लिए खेलता देखने का सपना लिए वैभव सूर्यवंशी के पिता अरुण जेटली स्टेडियम पहुंचे थे, रविवार को सीरीज के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का खेलना लगभग पक्का माना जा रहा था.
मैच से ठीक पहले वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव और छोटे भाई आशीर्वाद अरुण जेटली स्टेडियम पहुंचे थे. लेकिन टॉस के बाद जैसे ही भारतीय टीम की प्लेइंग-11 सामने आई, दोनों ही शॉक्ड रह गए.
भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया है. टीम की घोषणा होने से पहले ही वैभव के पिता और भाई स्टेडियम में अपनी जगह बना चुके थे. उन्हें पूरी उम्मीद थी कि दिल्ली के मैदान पर आज उनका लाडला बल्ले से धमाल मचाएगा. हालांकि, जब संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई तो वैभव को इस मैच में बाहर बैठना पड़ा.
VIDEO | Delhi: Indian Cricketer Vaibhav Sooryavanshi's father Sanjiv Sooryavanshi and younger brother Ashirvad Sooryavanshi arrive at the Arun Jaitley Stadium ahead of India's first T20I against Afghanistan. (Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/Q5HWTFbmCL
इससे पहले जब संजू सैमसन को आराम दिया गया था, तब वैभव को ज़िम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज के तीनों मैचों में खेलने का मौका मिला था, जहां उन्होंने अपने बल्ले से काफी प्रभावित किया था. फैन्स को उम्मीद थी कि इस प्रदर्शन के दम पर अफगानिस्तान के खिलाफ भी उन्हें मौका मिलेगा.
लेकिन संजू सैमसन के लौटते ही टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज पर भरोसा जताया और वैभव को डगआउट में बैठकर मैच देखना पड़ा. अब देखना दिलचस्प होगा कि वैभव सूर्यवंशी को सीरीज के बचे हुए दोनों मुकाबलों में खेलने का मौका मिलता है या नहीं?
भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती.
अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, डारविश रसूली, अजमातुल्लाह ओमरजई, गुलबादिन नईब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी.